अध्याय 292

कैरोलिन के कान खड़े हो गए। “क्या?”

ऑस्कर ने इधर-उधर नज़र दौड़ाई और आवाज़ धीमी कर ली। “कैरोलिन, जो मैं कहने वाला हूँ—कोई और तो नहीं सुन रहा, है ना?”

कैरोलिन ने सिर हिलाया। “सीधे बोलो।”

उसे सचमुच जिज्ञासा हो रही थी कि ऑस्कर के पास ऐसा कौन-सा राज़ हो सकता है।

“नहीं! ये राज़ बहुत अहम है। मैं तुम्हें...

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